
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब सिर्फ वोट और विकास की बात नहीं, बल्कि स्टारडम की लड़ाई बन चुका है!
इस बार मैदान में उतरे हैं तेजस्वी यादव की सियासी टीम, खेसारी लाल यादव की भोजपुरी ब्रिगेड, और मैथिली ठाकुर की सुरमयी एंट्री।
यानि “जहां वोट, वहां वोकल – और जहां सियासत, वहां सेंसेशन!”
तेजस्वी यादव — ‘राजनीति का सीक्वल’ फिर शुरू!
राघोपुर सीट से मैदान में उतर रहे हैं तेजस्वी यादव, जो इस बार “रेड कार्पेट नहीं, रोड शो” पर हैं। रोजगार और विकास का वादा, साथ में युवाओं के दिलों पर ‘कप्तान’ वाली पकड़। उनके साथ हैं भाई तेज प्रताप यादव, जो महुआ से मैदान में हैं — यानी “दोनों भाई मिलकर राजनीति में फिर से RJD यूनिवर्स बना रहे हैं।”
अनंत सिंह — मोकामा का ‘रॉबिनहुड रिटर्न्स’!
‘बुलेट और बैलेट’ दोनों में माहिर अनंत सिंह एक बार फिर मोकामा से चुनावी रणभूमि में हैं। कहते हैं कि उनकी एंट्री होते ही पोस्टर से पहले पब्लिक की आवाज़ गूंज जाती है — “भाईया जीतिहें!”
खेसारी लाल यादव — अब सिनेमा नहीं, सियासत में धमाल!
छपरा से हैं भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव, जिन्होंने कहा है कि अब गाना नहीं, “जनता का गुनगान” करेंगे।
मैथिली ठाकुर — NDA की सुर-साधना
अलीनगर सीट से NDA की उम्मीदवार मैथिली ठाकुर इस बार राजनीति में अपनी आवाज़ बुलंद करने को तैयार हैं। जहां कभी गीतों में भक्ति थी, अब नारों में जनता की शक्ति है।
प्रीति किन्नर — जनता की असली आवाज़!
JSP से भोरे सीट से उतरीं प्रीति किन्नर ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उनका कहना है, “हम भी वोट देंगे, अब नेता भी बनेंगे।”
उनकी एंट्री बिहार की राजनीति में वो रंग भर रही है जो अब तक किसी ने देखा नहीं।

सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा — NDA के भरोसेमंद सिपाही
तारापुर से सम्राट चौधरी और लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा — ये दोनों NDA के फ्रंटलाइनर हैं।
जहां एक ओर सम्राट चौधरी “CM योगी स्टाइल पॉलिटिक्स” को फॉलो करते हैं, वहीं विजय सिन्हा अपने क्षेत्र में “संघ से संगठन” की बात करते हैं।
ओसामा शहाब और शिवानी शुक्ला — नयी पीढ़ी की सियासत
रघुनाथपुर से ओसामा शहाब और लालगंज से शिवानी शुक्ला, दोनों INDIA गठबंधन के युवा चेहरे हैं। दोनों का मकसद साफ है — “बिहार बदलना है, बहस नहीं करनी है।”
बिहार का रण हुआ ग्लैमरस और ग्राउंडेड दोनों!
इस बार बिहार चुनाव में सिर्फ पोस्टर नहीं, “पोस्ट्स” चल रही हैं। भोजपुरी से लेकर दिल्ली तक, हर न्यूज़ फीड में यही सुर्खी है — “Bihar 2025: जब सियासत ने एंटरटेनमेंट का तिलक लगाया!”
“भरोसे का बुरा अंजाम!” — जेलेंस्की के दोस्त ने ही लगाई 100 मिलियन डॉलर की चपत!
